1 विराट कोहली ने 14 वर्षों तक टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए न केवल रन बनाए, बल्कि भारतीय क्रिकेट का चेहरा ही बदल दिया।
2 लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव, विशेषकर बायो-बबल और दौरे की थकान ने उनके भीतर संन्यास का विचार मजबूत किया।
3 उन्होंने यह भी कहा कि अब समय है कि युवा खिलाड़ी टेस्ट टीम में नेतृत्व और जिम्मेदारी संभालें।
4 कोहली ने ज़ोर देकर कहा कि अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना अब उनके लिए पहली प्राथमिकता है।
5 अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि यह निर्णय उनके लिए बहुत भावुक था, और उन्होंने इसे चुपचाप आंसुओं के साथ लिया।
6 संन्यास के बाद विराट वृंदावन में आध्यात्मिक यात्रा पर निकले, जहाँ उन्हें ध्यान करते हुए देखा गया – ये उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
7 भारत को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत दिलाकर कोहली ने साबित किया कि वे केवल बल्लेबाज़ नहीं, एक विजनरी कप्तान भी हैं।
8 संन्यास की घोषणा में उन्होंने कहा, "मैंने अपना सब कुछ देश को दिया, अब नए सितारों को चमकने का समय है।"