आईपीएल 2024 की टीमों को करना पढ़ रहा है करोड़ो रुपयों का नुक्सान, जाने क्यों?
इंडियन प्रीमियर लीग का 17वां सीजन इस वक्त खेला जा रहा है। जहां लीग में 50 मैच खेले जा चुके हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 (FY23) में सभी इंडियन प्रीमियर लीग टीमों का औसत रेवेन्यू वित्त वर्ष 2019 से पहले कोविड-19 साल की तुलना में 23 प्रतिशत कम था। जो कि दुनिया के सबसे बड़ी टी20 लीग के लिए एक बड़ी बात है। जबकि कोरोना महामरी के कारण दर्शक भी स्टेडियम में मैच देखने के लिए नहीं पहुंच सके थे। फिर भी 2023 में इसमें गिरावट नजर आई।
वित्त वर्ष 2019 में सभी टीमों का औसत राजस्व 394.28 करोड़ रुपए था और वित्त वर्ष 23 में गिरकर 307.5 करोड़ रुपए हो गया। ऐसे में हर एक टीम को औसतन कुल 86.78 करोड़ का नुकसान हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी टीमों के लिए स्पॉन्सरशिप से आय में वृद्धि हुई है। ऐसी संख्या रिपोर्ट करने वाली टीमों में, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर वित्त वर्ष 2023 में लगभग 83 करोड़ रुपए की स्पॉन्सरशिप आय के साथ टॉप पर रही। इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स 78 करोड़ रुपए और दिल्ली कैपिटल्स 72 करोड़ रुपए के साथ मौजूद है। रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला है कि FY19 में कोलकाता नाइट राइडर्स का राजस्व सबसे अधिक 437 करोड़ रुपए था, इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स का 424 करोड़ रुपए और चेन्नई सुपर किंग्स का 418 करोड़ रुपए था। FY23 में, दिल्ली कैपिटल्स का राजस्व सबसे अधिक 367 करोड़ रुपए था। गुजरात टाइटंस 360 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उसके बाद मुंबई इंडियंस रही। जिनका रेवेन्यू 359 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2019 में टॉप तीन रेवेन्यू पैदा करने वाली टीमों की तुलना में उनके आंकड़े कम हैं।
















































































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