अरविंद केजरीवाल का बड़ा एलान, खत्म हो जाऊंगा, लेकिन 'लोकशाही' को खत्म नहीं होने दूंगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 50 दिन बाद शुक्रवार 10 मई की शाम 6:55 बजे जेल से बाहर आए। 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद से पहले वे 10 दिन ईडी की हिरासत में थे। 1 अप्रैल को कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। यानी 39 दिन उन्होंने तिहाड़ में बिताए। देश की राजधानी दिल्ली में छठे चरण 25 मई को लोग सात सीटों के लिए मतदान करेंगे। इस बीच जेल से बाहर आने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी आम आदमी पार्टी के चुनावी कैंपेन को धार देने में जुट गए हैं। दिल्ली के सीएम आम आदमी पार्टी की ओर से आयोजित एक के बाद एक चुनावी जनसभाओं में लोगों से कह रहे हैं कि जब मैं जेल में था तो भी आप लोगों की चिंता मुझे सता रही थी। चिंता इस बात की कि आप लोग ठीक हैं कि नहीं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक रोड शो के दौरान कहा, 'जब मैं जेल में था तब भी मुझे अपनी माताओं-बहनों की चिंता थी कि उनको बस का फ्री सफर मिल रहा या नहीं। उनके घर पानी और बिजली पहुंच रही या नहीं। आप लोग चिंता मत करना। मेरे होते हुए में मेरी माताओ - बहनो को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और अब केजरीवाल ने इसी बिच कहा की में जल्द ही अपनी बहनों को 1000 रुपये भी दिलवाऊंगा।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने साथ ही कहा अब मैं, आपसे वादा करता हूं, देश से तानाशाही को खत्म करके रहूंगा। देश में तानाशाही को नहीं चलने देंगे। मैं, मर जाऊंगा, खत्म हो जाऊंगा, लेकिन लोकशाही को खत्म नहीं होने दूंगा। देश तानाशाही से गुजर रहा, हमें देश को बचाना है दरअसल, जब से अंतरिम जमानत पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आये हैं, वह पार्टी के चुनावी कैंपेन गति देने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि है कि इस बार एनडीए की हार होगी और इंडिया गठबंंधन की सरकार बनेगी।
















































































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