गुरु नानक जयंती को क्यों कहते हैं 'प्रकाश पर्व', कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाते हैं त्यौहार।
देशभर में आज प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन गुरु नानक साहब की जयंती पर मनाया जाता है। इस दिन को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है।
हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का दिन बहुत खास होता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। यह दिन सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। गुरु नानक देव ने ही सिख धर्म की नींव रखी थी, इसलिए ये दिन सिख समुदाय के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन को सिख समुदाय के लोग प्रकाश पर्व के रूप में मनाते हैं। इस दिन गुरुदारों में भजन-कीर्तन होते हैं और गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया जाता है। गुरु नानक जयंती को 'गुरु पूरब' और 'प्रकाश पर्व' के नाम से भी जाना जाता है।
देशभर में आज प्रकाश पर्व की धूम है। आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जा रही है। गुरु नानक साहब की जयंती के दिन को ही प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में इस बार आज यानी 27 नवंबर को प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन सिख समुदाय के लोग भजन-कीर्तन करते हैं, प्रभात फेरियां भी निकाली जाती हैं। गुरु नानक जयंती के पावन अवसर पर देशभर के सभी गुरुद्वारों में खास रौनक देखने को मिलती है। लोग गुरुद्वारे जाकर पाठ करते हैं। इस दिन गुरुद्वारे को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया जाता है।
आज ही के दिन हुआ जन्म
बता दें कि प्रकाश पर्व हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है। बताया जाता है कि सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक साहब का आज ही के दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। गुरु नानक देव के पिता का नाम कल्याण चंद और माता का नाम तृप्ता था। उनका जन्म तलवंडी में हुआ, जो इस समय पाकिस्तान में है। 15 अप्रैल 1469 को उनका जन्म हुआ। उनके जन्मस्थान को ननकाना साहिब के नाम से भी जाना जाता है। सिख समुदाय के लोगों के लिए यह स्थान काफी पवित्र माना जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। आज ही के दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। देव दीपावली को लेकर वाराणसी पूरी तरह से सज चुकी है।
















































































Leave Your Message