रमेश बिधूड़ी: अब महुआ मोइत्रा को संसद सदस्यता से मुक्त करायें, पर क्यों?
सांसद रमेश बिधूड़ी हमेशा अपने कटाक्ष वाक्यों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भी तगड़ी बयान बाजी की है और उनकी सदस्यता को खारिज करने के लिए आवाज उठाई है।
'कैश फॉर क्वेरी' मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ (CBI) की ओर से जांच शुरू करने पर, बीजेपी सांसद (Ramesh Bidhuri) का कहना है कि सबसे पहले मोइत्रा जी को उनकी लोकसभा सदस्यता से मुक्त किया जाना चाहिए। यह कोई नया मामला नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, इससे पहले भी जिन कुछ सांसदों पर पैसे लेकर सवाल पूछे जाने के मामले सामने आए थे, उनकी सदस्यता भी छीन ली गई थी। इसलिए महुआ के लिए अलग से कोई कानून नहीं होगा। उनकी तरफ से किए गए लेन-देन और मिले उपहारों की जांच सीबीआई को करनी चाहिए।
इस बीच देखा जाए तो बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी शनिवार को कहा था कि, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। एक संसद सदस्य की जिम्मेदारी संसद सदस्य के रूप में कार्य करना है। हमें उन लोगों की आवाज बनना है, जिन्होंने हमें उस पद के लिए चुना है, ना कि कुछ कॉर्पोरेट संस्थाओं के एजेंट के रूप में काम करने वालों के लिए। उन्होंने कहा था कि, मैं इन आरोपों की सीबीआई जांच का स्वागत करता हूँ। मुझे उम्मीद है कि कानून अपना काम करेगा और बहुत जल्द सच्चाई बाहर आएगी।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच करने के मामले में BSP सांसद दानिश अली ने भी शनिवार को प्रतिक्रिया जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि, इस देश में कुछ तुच्छ शिकायतों पर गोली की गति से कार्रवाई की जाती है। महुआ मोइत्रा का मामला संसद की एथिक्स कमेटी के पास था और वहाँ भी उनकी बात नहीं सुनी गई। अभी तो एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट को सदन पटल पर भी नहीं रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि, ऐसा लग रहा है कि स्क्रिप्ट कहीं और लिखी गई। ऐसा महसूस किया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आवाज उठाई गई, तो उस आवाज को दबाने की पूरी कोशिश की जाएगी लेकिन देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा...''
















































































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