उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने नए बिजली कनेक्शन की दरों में संशोधन, उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम लागत की चिंता।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने नए बिजली कनेक्शन की दरों में संशोधन किया है। नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल किया गया है, जिसमें अब गरीब ग्रामीणों को नए कनेक्शन के लिए 44 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा। उद्योगों की दरों में भी 50 से 100 प्रतिशत से ज्यादा की तक वृद्धि प्रस्तावित है। प्रस्ताव अगर स्वीकार होता है तो इससे गरीब उपभोक्ता ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। उर्जा निगम ने मजदूरी मद की धनराशि 2 किलोवॉट तक के कनेक्शन पर 150 रुपये से बढ़ाकर 564 रुपये कर दिया गया है। जिसकी वजह से बीपीएल और छोटे घरेलू कनेक्शन लेने वालों को 44 प्रतिशत अधिक तक पेमेंट करना होगा। मौजूदा स्थिति में, 1 किलोवॉट के कनेक्शन के लिए GST के बिना 1032 रुपये लिए जाते थे। प्रस्तावित कीमत में अब यह रेट 1486 रुपये हो गया है। स्मार्ट मीटर के सिंगल फेज कनेक्शन पर 3822 रुपये दिए जा रहे थे, जो अब बढ़कर 6316 रुपये हो सकते हैं। प्रतिभूति राशि में 100 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है। नियामक आयोग सभी पक्षों के बीच सुनवाई करेगा, फिर ही अंतिम फैसला होगा। उपभोक्ता परिषद ने इस प्रस्ताव को लागू नहीं होने देने का ऐलान किया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि यह मुद्दा इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की बैठक में उठाया जाएगा।
अगर प्रस्ताव लागू होता है, तो नए दरों के अनुसार 1 किलोवॉट लाइफलाइन के लिए 10 रुपये (मौजूदा कीमत 10 रुपये) लागू होंगे। इसके साथ ही, 1 किलोवॉट लाइफलाइन से अतिरिक्त 100 रुपये (मौजूदा कीमत 50 रुपये), 1 से 25 किलोवॉट तक 100 रुपये (मौजूदा कीमत 100 रुपये), 25 से 50 किलोवॉट तक 5,000 रुपये (मौजूदा कीमत 1,000 रुपये), 51 से 3,000 केवीए तक 10,000 रुपये (मौजूदा कीमत 5,000 रुपये), 3,000 से 10,000 केवीए तक 25,000 रुपये (मौजूदा कीमत 15,000 रुपये), और 10,000 केवीए से ऊपर 50,000 रुपये (मौजूदा कीमत 25,000 रुपये) हो सकती है। इस प्रस्ताव के साथ, उपभोक्ता को बड़ी राहत मिलेगी और उनके बिजली संबंधित खर्चों में कमी आ सकती है।
















































































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