राहुल गांधी ने रायबरेली से सांसद रहने का चुनाव किया, केरल से वायनाड की सीट छोड़ी।
राहुल गाँधी जी ने लिया अहम फैसला राहुल गांधी ने रायबरेली से सांसद बने रहना चुना और केरल की वायनाड सीट को छोड़ दिया। साथ ही वायनाड के उपचुनाव में प्रियंका गांधी को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला भी लिया। हालांकि इस बार राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में दोनों सीटों पर अच्छे मार्जिन से जीत दर्ज की है। 2014 में मोदी लहर के बाद, कांग्रेस ने अपनी सारी उम्मीदें राहुल गांधी पर लगाई। लेकिन इस साल की भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस को उम्मीदों की किरण दिखाई, जिससे वह लोगों का भरोसा दोबारा जीत रही है। राहुल गांधी का यह निर्णय कि वे केरल की वायनाड की बजाय रायबरेली से चुनाव लड़ें, पार्टी की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। चुनावी परिणामों से प्रेरित, कांग्रेस अब सरकार के प्रति ज्यादा संकटमोचक रुख दिखा रही है। 2024 के चुनाव से एक मजबूत राजनीतिक संदेश जाता है। कांग्रेस 2029 चुनाव तक के समय का बेहतर इस्तेमाल करने का इरादा रखती है। वर्तमान में नरेंद्र मोदी की सरकार गठबंधन के समर्थन पर है, इसलिए कांग्रेस उसे कमजोर मान रही है और राहुल और प्रियंका गांधी के विपक्षी भूमिका का फायदा उठाकर सरकार पर हमला करने का प्रयास करेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव ने कांग्रेस को यह भरोसा दिलाया है कि वह भाजपा से सीधी लड़ाई में मुकाबला करने में सक्षम है। कांग्रेस के सीधे मुकाबलों का विश्लेषण आप इन आकंड़ों से समझ सकते हैं कि कैसे कांग्रेस ने 2014 में 44 सीटों पर सिमटी, फिर 2019 में 52 से 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों की संख्या लगभग दोगुनी यानी 99 कर डाली।
















































































Leave Your Message