दिल्ली में गर्मी का कहर, पानी और बिजली की भारी कमी।
दिल्ली में गर्मी का केहर जारी है, तो दूसरी ओर दिल्ली में इस वक्त आम जनता के सामने एक और भीषण संकट खड़ा हो गया है। एक ओर दिल्ली की आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, तो अब दिल्ली के लोगों के सामने बिजली संकट भी आ खड़ा हुआ है। भीषण गर्मी का आलम यह है कि एक ही दिन में 32 लोगों की लू से मौत हो चुकी है। दिल्ली को पानी की सप्लाई हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से होती है, मगर वहां भी इस वक्त पानी की भारी कमी है। कहने को तो हथिनीकुंड बैराज की क्षमता 10 लाख क्यूसेक है, मगर इस वक्त वहां पर महज 5500 क्यूसेक पानी मौजूद है। भीषण गर्मी से परेशान दिल्ली के लोग एसी और कूलर के जरिये ठंडा रहने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दिल्ली में बिजली की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। दिल्ली में बिजली की मांग बढ़कर 8,647 मेगावॉट हो गई है। बिजली कंपनियों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि दिल्ली में गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़कर 8000 मेगावॉट को पार कर जाएगी। मगर यह उससे काफी अधिक हो गई। इससे बिजली विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी बिजली के उपकरणों को बंद रखकर बिजली को बचाने की अपील भी की है। वहीँ दूसरी और राजधानी दिल्ली में झुलसाती हुई गर्मी के बीच राजनीती भी जोरों पर है। भारतीय जनता पार्टी आज एक बार फिर केजरीवाल सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी हुई नज़र आ रही है।
जल संकट के खिलाफ भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ, आज सुबह मोती बाग कॉलोनी में मार्च निकाला। बीजेपी का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार टैंकर माफिया के खिलाफ एक्शन नहीं ले रही है, साथ ही पिछले दस सालों में केजरीवाल सरकार ने पानी के संकट को दूर करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर कोई काम नहीं किया। वहीं दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा भी नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद बांसुरी स्वराज के साथ केजरीवाल सरकार के खिलाफ मार्च निकाल रहे हैं। इसके साथ ही बीजेपी के दूसरे नेताओं का भी दिल्ली की अलग अलग जगाहों पर प्रदर्शन जारी है।
















































































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