दिल्ली में पानी संकट के दौरान, आतिशी ने लिया आज अनशन करने बड़ा फैसला।
भीषण गर्मी के दौरान दिल्ली में पानी का संकट बरकरार है। पानी की कमी की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने शुक्रवार 21 जून से इस मसले को लेकर अनशन करने का फैसला लिया है। आतिशी अनशन से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्लीवालों को उनके हक का पानी मिले, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं। आतिशी ने कहा कि वह सबसे पहले शुक्रवार को सुबह 11 बजे वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। इसके बाद वह 12 बजे से जंगपुरा के भोगल इलाके में जल सत्याग्रह में बैठ जाएंगी। उन्होंने कहा, 'दिल्ली को 1,005 एमजीडी (Million Gallons Per Day) पानी की आवश्यकता है, जिसमें से 613 एमजीडी पानी हरियाणा से आता है। पिछले दो हफ्तों से हरियाणा ने इसे घटाकर 513 एमजीडी कर दिया है। 100 एमजीडी कम पानी की वजह से शहर के करीब 28 लाख लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
दिल्ली सरकार की मंत्री ने दावा किया कि हरियाणा ने पानी छोड़ने से इनकार कर दिया है और प्रधानमंत्री मोदी को लिखे उनके पत्र से भी कोई मदद नहीं मिली है। इसलिए उन्हें दिल्ली के पानी और शहर के 28 लाख प्रभावित लोगों के हक के हिस्से के लिए सत्याग्रह पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। केजरीवाल सरकार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने के बजाय, बीजेपी शासित हरियाणा सरकार ने यमुना नदी से दिल्ली को मिलने वाले पानी के हिस्से में भारी कटौती की है। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में कुल जलापूर्ति 1005 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) है, जिसमें से 60 प्रतिशत (613 एमजीडी) मुनक नहर और वजीराबाद बैराज से, 25 प्रतिशत (257 एमजीडी) उत्तर प्रदेश से और 15 प्रतिशत (135 एमजीडी) भूजल से प्राप्त होता है।
















































































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