मानसून में तेजी से फ़ैल रहा है मलेरिआ का ख़तरा, जाने इसके लक्षण।
इन दिनों मानसून का मौसम छाया हुआ है मानसून के आने से लगातार बारिश भी होती है। बारिश के मौसम में बुखार तेजी से फैलता है। वायरल इंफेक्शन हो या फिर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया हर बीमारी में बुखार जरूर आता है। यह अभी इन दिनों बहुत ज़्यदा तेज़ी से फ़ैल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार बारिशो और मानसून के दिनों में ही लोग ज़्यदा बिमारियों का शिकार हो जाते है। क्योकि बारिशो के कारण जगह- जगह पानी भर जाता है। और पानी जमा होने की वज़ह से उस गंदे पानी में मच्छर पनपने लगते है और उसी गंदे पानी की वजह से कई हज़ारो से लाखो की संख्या में मच्छर जन्म ले लेते है जो बीमारियां पैदा करते है। और फिर डेंगू, मलेरिआ, चिकनगुनिया, इन्फेक्शन अदि जैसी बिमारियों का हमे शिकार बनाते है। मच्छरो से फैलने वाली बिमारी मलेरिआ की बात करे तो इसमें मरीज को तेजी से ठंड लगने के बाद बुखार आता है। वैसे इससे अलग भी मलेरिया के कई दूसरे लक्षण भी हैं। आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 7 से 30 दिनों के भीतर मलेरिया होने का खतरा रहता है।
मलेरिया बुखार के क्या है लक्षण,
1. बुखार (जो अक्सर ठंडी-गर्मी लगातार होता है)
2. भूक न लगना।
3. सिरदर्द और थकान।
4. गुर्दे के क्षेत्र में दर्द।
5. विशेषकर रात के समय आने वाला भीड़भाड़ा और पसीना।
6. त्वचा पर लाल या सांवले रंग के दाने-दाने।
अगर आपको लगता है कि आपको मलेरिया हो सकती है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उचित इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
















































































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