सब्जियों की कीमतों में वृद्धि 5.08 फीसदी की गयी दर्ज, आम जनता के बजट पर पड़ेगा असर।
मानसून आने से बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मानसून के छाने से जहां एक ओर लोगों को रिकॉर्ड तोड़ रही चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बदले मौसम का असर जेब पर पड़ने लगा है। बारिश और मानसून झा भीषण गर्मी से बदलाव लेकर आया है उसके साथ -साथ कई सारी मुश्किलें भी अपने साथ लेकर आया है। जिसका सामना सीधा आम जनता की जेब पर पढ़ने वाला है। खान- पान की चीज़ो में बारिश आने के कारण अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। सब्जियों के भाव में तेजी आने से ज्यादातर लोगों के घरेलू बजट का आधे से ज्यादा पैसा सिर्फ सब्जियों के ऊपर खर्च हो जा रहा है। यह सर्वे किया है कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकल सर्किल्स ने। सर्वे में पता चला है कि हर 10 में से 6 लोग हर सप्ताह अपने बजट के 50 फीसदी से ज्यादा हिस्से को सब्जियां खरीदने पर खर्च कर रहे हैं। यानी भाव बढ़ने से 60 फीसदी भारतीयों के कुल खर्च में सब्जियों का योगदान 50 फीसदी से ज्यादा हो गया है। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत टमाटर के भाव बढ़ने से हो रही है। टमाटर खरीदने के लिए अभी 100 रुपये किलो से ज्यादा का भाव हो चूका है।
जून महीने में सब्जियों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि खुदरा महंगाई की दर 5.08 फीसदी तक पहुंच गई है। सब्जियों के भाव बढ़ने के बारे में इससे पहले भी चिंताजनक बातें सामने आई हैं। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इसमें खाने-पीने की चीजों की महंगाई, खासकर सब्जियों की कीमतों का वृद्धि में मुख्य योगदान दिया गया है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं जून महीने में खुदरा महंगाई की दर बढ़ाने में सबसे ज्यादा योगदान खाने-पीने की चीजों की महंगाई खासकर सब्जियों की महंगाई का रहा। इसके अलावा एक रिपोर्ट अनुसार, खाने की थाली कीमतें सालाना आधार पर 10 फीसदी तक बढ़ गई हैं।
















































































Leave Your Message