16 महीने से जेल में हूँ 'जज साहब'! मनीष सीसोदिअ को जमानत मिलेगी क्या? रिहाई होगी क्या?
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कथित शराब नीति घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों पर ED और CBI को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह दलील देते हुए कहा कि वह 16 महीने से हिरासत में हैं और उनके खिलाफ मुकदमा उसी चरण पर है, जिस चरण पर पिछले साल अक्टूबर में था। सिसोदिया ने इन आबकारी नीति से जुड़े मामलों में उनकी जमानत याचिकाओं पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका भी दायर की है। सिसोदिया की ओर से पेश वकील विवेक जैन ने बेंच को बताया कि ‘आप’ नेता 16 महीने से हिरासत में हैं।
तो वहीँ मनीष सीसोदिअ ने कहा की मैं 16 महीने से जेल में हूं। मैंने अक्टूबर में कोर्ट का रुख किया था। इस अदालत ने कहा था कि अगर जांच की गति सुस्त रहती है तो मैं पुन: आवेदन कर सकता हूं। मुकदमा उसी चरण पर है जिस पर अक्टूबर 2023 में था जब आपने मुझे छूट दी थी।’’ जिसपर बेंच ने कहा की, ‘‘नोटिस जारी करिए, 29 जुलाई तक जवाब दीजिए।’’ बेंच ने सिसोदिया की याचिकाओं पर सीबीआई तथा ईडी से जवाब मांगा और मामले को अगली सुनवाई यानि 29 जुलाई पर टाल दिया। याचिका में कहा गया है कि जांच एजेंसियों की ओर से पेश क़ानूनी अधिकारी ने बेंच को बताया था कि कथित आबकारी नीति घोटाले के मुख्य मामले और इससे जुड़े धनशोधन मामले में आरोप पत्र और अभियोजन की शिकायत 3 जुलाई, 2024 को या उससे पहले दायर की जाएगी।
कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया था लेकिन साथ ही कहा था कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार और धनशोधन से जुड़े मामलों में अपनी अंतिम अभियोजन शिकायत और आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद सिसोदिया जमानत के लिए अपनी याचिकाएं फिर से दायर कर सकते हैं।
















































































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