अखिलेश यादव और यूपी की राजनीति, सरकारी विवाद और 2027 के विधानसभा चुनाव की चुनौतियाँ।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अनबन को लेकर हर जगह चर्चा हो रही है। तो वहीं साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिस पर अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दे दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा कि मैं यूपी सरकार में से किसी को तोड़ना नहीं चाहता। पर सुनने में आ रहा है कि अंदर झगड़ा चल रहा है, लेकिन झगड़ा अंदर ही नहीं है दिल्ली तक चल रहा है। ऐसे में विपक्ष के लोग कुछ तो ऑफर करेंगे। यदि कोई व्यक्ति बहुत दिनों से कोशिश में लगा है कि कोई बड़ी कुर्सी पर बैठ जाए तो उसे कुर्सी पर बैठने के लिए कोई ऑफर या आश्वासन दें, तो क्या गलत है। साथ ही अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि वह खुद कितने ताकतवर हैं, हमारे बैठाने से कोई कुर्सी पर थोड़ी बैठ जाएगा। हम परिवर्तन तो नहीं ला सकते, लेकिन कोई परिवर्तन के लिए तैयार होगा, तो उसका सहयोग जरूर करेंगे। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या वह किसी और को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार है तो उन्होंने कहा कि सवाल मुख्यमंत्री का नहीं है।
अखिलेश यादव से जब मानसून ऑफर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे पास देने के लिए तो बहुत कुछ है पर सामने वाले के पास लेने की हिम्मत ही नहीं है। वही दूसरी ओर सदन में बजट को लेकर भी बवाल चल रहा है। अखिलेश यादव बीजेपी पर चुन चुन कर हमले कर रहे है। सदन की कार्यवाही के दौरान अखिलेश यादव बिहार और आंध्र प्रदेश को मिले पैकेज पर बरस पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिर्फ दो राज्यों पर मोदी सरकार की मोहब्बत यूं ही नहीं है। यह पैकेज वाला प्यार यूं ही नहीं है। यह तो नजराना है सरकार बनाने का।
















































































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