'अरे यार छोड़ो', अखिलेश-वखिलेश, कमलनाथ ने ऐसा क्यूं कहा? मध्यप्रदेश है या जंग-ए-मैदान
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो गए हैं और अब सभी को बेसब्री से मतगणना का इंतजार है। अलग-अलग एग्जिट पोल्स में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी को लेकर भी कई कयास लगाए जा रहे हैं। साल 2023 में सपा ने एमपी में 46 सीटों पर चुनाव लड़ा। इस बार भी समाजवादी पार्टी ने किस्मत आजमाई है।
चुनावी दिनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एमपी का दौरा किया और आदिवासी के घर खाना भी खाया था, इतना ही नहीं सपा नेता ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मध्य प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। हालांकि इस चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। कांग्रेस की एमपी इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने तो यहां तक कह दिया कि 'अरे यार छोड़ो अखिलेश वखिलेश..'
आंकड़ों के जरिए बात करें तो साल 2018 के विधानसभा चुनाव में 52 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली सपा सिर्फ 1 सीट पर जीत हासिल कर पाई थी और 45 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। पार्टी को कुल मतदान में से 4 लाख 96 हजार 25 वोट ही मिले थे। यानी कुल मतदान का सिर्फ 1.30 फीसदी हिस्सा ही पार्टी हिस्से में आया था। पार्टी को साल 2018 के चुनाव में नोटा से भी कम वोट मिले थे। 5 सीटों पर सपा नंबर दो पर आई थी।
क्या कहते हैं Exit Polls के आंकड़े?
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में आए एग्जिट पोल्स में सपा के लिए चिंता वाली बात है। सर्वे में सपा को 0 सीटें दी गई हैं।
UP में कांग्रेस दिखाएगी आंख?
माना जा रहा है कि सपा, I.N.D.I.A. अलायंस में अपनी मजबूती और ज्यादा दम के साथ पेश करने के लिए एमपी चुनाव में एक्टिव थी। यूं तो पहले भी सपा के विधायक, एमपी विधानसभा में चुनकर जाते थे लेकिन इस बार की परिस्थितियां अलग मानी जा रही हैं।
लेकिन Exit Polls के मौजूदा आंकड़ों से सपा के लिए स्थिति अच्छी नहीं दिख रही है। अगर यही आंकड़े परिणामों में तब्दील हुए तो यूपी में कांग्रेस को सबक सिखाने की कोशिश पूरी नहीं हो पाएगी।
















































































Leave Your Message