सावन के दूसरे सोमवार की विशेष पूजा, शिवलिंग की आराधना और महत्व।
आज सावन के महीने का दूसरा दिन है, जो भगवान शिव के प्रति विशेष महत्व रखता है। सावन का महीना भगवान शिव के लिए अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस मौके पर, सावन महीने के दूसरे सोमवार को मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही भक्त श्रद्धा के साथ शिव जी को जल चढ़ाने और उनकी पूजा में व्यस्त हैं। कई भक्त गंगा समेत देश की पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य अर्जित कर रहे हैं। पूरे देश का माहौल शिवमय हो गया है, और लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान के अनुसार पूजन में लगे हुए हैं। 29 जुलाई को सावन के दूसरे सोमवार का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भक्तगण शिव मंदिरों में जाकर भगवान भोलेनाथ की उपासना करते हैं। सावन सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करने का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि सावन के सोमवार के उपवास से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
सावन सोमवार की पूजा सामग्री
गंगाजल, दूध, दही, घी, मिश्री, शहद, पंचामृत, बेलपत्र, चंदन, शमी के पत्ते, आसन, भांग-धतूरा, फल, फूल, धूप, दीप, कपूर, शिवलिंग, प्रसाद और माता पार्वती के लिए श्रृंगान की चीजें
शिवलिंग की पूजा का महत्व
हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि शिवलिंग की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और इच्छित फल प्राप्त होता है। हालांकि, अविवाहित और विवाहित महिलाओं द्वारा शिवलिंग को छूने से माता पार्वती नाराज हो सकती हैं, जिसके कारण पूजा का विपरीत परिणाम हो सकता है। इसलिए कहा जाता है कि महिलाओं को शिव की मूर्ति के रूप में पूजा करनी चाहिए। जो महिलाएं श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग को छूना चाहती हैं, उन्हें नंदी मुद्रा में ही स्पर्श करना चाहिए।
















































































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