उत्तराखंड में कुदरत का कहर: केदारनाथ में बादल फटने से भारी तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। केदारनाथ में बादल फटने के बाद भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। ,बुधवार रात बादल फटने की वजह से सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लिंचोली में बादल फटने की खबर मिलने के बाद SDRF, जिला पुलिस, जिला प्रशासन समेत सभी तंत्र अलर्ट मोड पर हैं। ऐसे में SDRF के जवान लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं और लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए SDRF उत्तराखण्ड के जवानों ने देर रात्रि तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए मुनकटिया क्षेत्र से 450 यात्रियों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचाया। अब तक 2200 से अधिक यात्रियों को सकुशल पैदल मार्ग से निकाला जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गुलाब कोटी के पास में रात करीबन 9 बजे से बाधित है और आपको बता दें कि की जहां पर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित पड़ा हुआ है, वहां पर इस समय तीर्थ यात्रियों से लेकर के स्थानीय लोगों के वाहन दोनों तरफ फंसे हुए देखे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों से लेकर के तीर्थ यात्रियों ने संबंधित विभाग पर काफी लापरवाही का आरोप लगाया है। विभाग की मशीन बाधित सड़क का मलबा हटाते समय अचानक खराब हो गई, जिस कारण तीर्थ यात्रियों से लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश का माहौल बन गया। क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने उत्तराखंड के सात जिलों—देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, और चंपावत—के लिए अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट मंगलवार रात से प्रभावी होगा और इसमें गरज, बिजली गिरने, और अत्यंत तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
















































































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