बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिया इस्तीफा, साथ ही बहन संग छोड़ा ढाका।
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिया इस्तीफा साथ ही हसीना और उनकी बहन ने ढाका भी छोड़ा। बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर काफी बवाल चल रहा है जिसके चलते इसके बाद प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। रविवार को, "स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन" नामक संगठन के बैनर तले एक असहयोग आंदोलन आयोजित किया गया। इस आंदोलन के दौरान अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुईं। खबरों के अनुसार, असहयोग आंदोलन के चलते देशभर में झड़पों, गोलीबारी और जवाबी हमलों में कम से कम 300 लोगों की जान गई है। इनमें 14 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की भी खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार शाम से पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया है, और इंटरनेट तथा मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सेना प्रमुख ने घोषणा की है कि अब सेना की तरफ से गोलीबारी नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सत्ता परिवर्तन गैर-लोकतांत्रिक तरीके से होता है, तो बांग्लादेश की स्थिति केन्या जैसी हो सकती है। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में विरोध के नाम पर हो रही तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल लोग छात्र नहीं, बल्कि आतंकवादी हैं। उन्होंने जनता से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। इसके साथ ही, सरकार ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार के लिए तीन दिवसीय अवकाश की घोषणा भी की है।
















































































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