पेरिस ओलंपिक 2024: नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा, देशभर में खुशी की लहर।
पेरिस ओलंपिक 2024 के 13वें दिन भारत के खाते में 2 मेडल आए—एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज। इस ओलंपिक में सभी की नजरें नीरज चोपड़ा पर थीं, जो टोक्यो ओलंपिक की तरह जैवलिन थ्रो के फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीदों के साथ उतरे थे। हालांकि, उन्होंने 89.45 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। इस इवेंट में नीरज ने कुल 6 प्रयास किए, जिनमें से पांच प्रयास फाउल रहे। लेकिन उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर की दूरी तक भाला फेंकने में सफलता प्राप्त की। नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद पीटीआई को दिए अपने बयान में कहा कि जब भी वह थ्रो करने के लिए दौड़ लगाना शुरू करते हैं तो उनका 60 से 70 फीसदी ध्यान इंजरी पर होता है। आज मेडल इवेंट में मेरी दौड़ सही नहीं थी और स्पीड भी थोड़ी धीमी थी। मैंने जो भी किया है वह इस समस्या से जूझते हुए किया है। मेरे पास सर्जरी कराने का समय नहीं था इसीलिए मैं खुद को लगातार आगे बढ़ा रहा था।
नीरज चोपड़ा के पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीतने की खुशी पूरे देश में मनाई गई। वह नॉर्मन प्रिचर्ड के बाद दूसरे भारतीय हैं जिन्होंने ट्रैक और फील्ड इवेंट में दो पदक जीते हैं। उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन पर उनके घर हरियाणा में भी खुशी का माहौल था। नीरज की माँ ने एएनआई को दिए बयान में कहा कि वह बेटे के सिल्वर मेडल जीतने से अत्यंत खुश हैं, और उनके लिए सिल्वर भी गोल्ड के बराबर है। उन्होंने यह भी बताया कि नीरज चोटिल थे, लेकिन उनके प्रदर्शन से वे संतुष्ट हैं। नीरज के पिता, सतीश कुमार ने कहा कि हर खिलाड़ी का एक विशेष दिन होता है और आज पाकिस्तानी एथलीट का दिन था। बावजूद इसके, वे सिल्वर मेडल जीतकर गर्वित हैं और इसे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा मानते हैं। उन्होंने नीरज के देश के लिए किए गए योगदान की सराहना की और इसे गर्व का पल बताया।
















































































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