'सितारे ज़मीन पर' जी हाँ, आसमान से होगी सितारों की बारिश, हर घंटे टूटेंगे 100-150 तारे।
बचपन मे सुनते थे की तारा टूटता है, तो कोई विश मांग लो। सही तो है फिर मांग लेते हैं विश इस बार भी। बहुत सारे तारे आसमान से टूटेंगे, हर घंटे 100-150 तक ज़मीन पर दिखाई पड़ेंगे।
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने दावा किया है कि इसी महीने की 13 और 14 तारीख के बीच बड़े पैमाने पर तारों की बारिश होने वाली है। आसमान में हर घंटे 100 से 150 तारे टूटेंगे।
वो हरिवंश राइ बच्चन की कविता की एक लाइन है की 'टूटे तारे पर अम्बर कब रोता है', पर ये खगोलीय घटना बेहद सूंदर होने वाली है। धरती के लोगों को ख़ुशी मिलने वाली है।
वातावरण के घर्षण से जलता है मलबा
वैज्ञानिकों ने बताया है कि जब धूमकेतु का मलबा पृथ्वी के मार्ग पर आ जाता है, तो वह पृथ्वी के वातावरण के सम्पर्क में आकर जलने लगता है। इससे आसमान में आतिशबाजी जैसा नजारा देखने को मिलता है। यह खगोलीय घटना पृथ्वी से महज 100 से 120 किमी की ऊंचाई पर होती है। टूटते तारों का यह अद्भुत नज़ारा क्षण भर के लिए ही नजर आता है और पलक झपकते ही ओझल भी हो जाता है।
















































































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