प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई दी, डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि की अर्पित।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों को बधाई दी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, "शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। यह युवा मन को आकार देने वाले सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।" उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों को ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करके उनके जीवन को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अनमोल योगदान दे रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय की ओर से X अकाउंट पर पीएम मोदी का संदेश जारी किया गया। अपने संदेश में PM मोदी ने कहा,'छात्र-छात्राओं को ज्ञान एंव मार्गदर्शन देकर उनके जीवन को गढ़ने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को सपना देखने के लिए प्रेरित करते हैं और उसे पूरा करने का हौसला भी देते हैं। छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें देश के एक जिम्मेदार और समर्थ नागरिक के रूप में तैयार करने में भी शिक्षकों की अहम भूमिका होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने आजादी के शताब्दी वर्ष 2024 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। आज जो छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं, उनके प्रयासों से ही आने वाले समय में देश को एक नई दिशा मिलेगी। इस भावी पीढ़ी के जीवन को अपने ज्ञान से संवारकर हमारे शिक्षक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जिनका जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु में हुआ था, भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक के रूप में प्रसिद्ध हैं। उनकी जयंती को ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया और 1963 में उन्हें ब्रिटिश रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट की मानद सदस्यता प्रदान की गई।
















































































Leave Your Message