मोदी ने ठाना है, कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर भेजकर, POK को पाना है! मोदी चुप नहीं रहेंगे!
संसद का शीतकालीन सत्र 2024 के लोकसभा के चुनाव से पहले बेहद अहम होने वाला है। इस सत्र में कुल मिलाकर सरकार 7 बिल लाने की तैयारी कर चुकी है और इस पैनल के जरिए चुनाव आयुक्त का भी इसमें प्रावधान दिया गया है। तीन विधेयक आएंगे जिसके अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्यप विधेयक को पारित करना भी शामिल है।
हम आपको यह बताना चाहेंगे कि अमित शाह ने आज संसद के अंदर कश्मीरी पंडितों को लेकर बिल लाने की भी बात की है। जिसके अंतर्गत जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संशोधन सन 2023 में पेश होगा, जो कि सीधा कश्मीरी पंडितों से जुड़ा है। इसमें सरकार ने राज्य के विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए दो और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी कि PoK के विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए एक सीट को भी आरक्षित करने का प्रावधान दिया है। संसद का शीतकालीन सत्र 2024 के चुनाव से पहले कश्मीर के पंडितो के लिए बहुत अहम होने वाला है। इस विधेयक के अंतर्गत कश्मीरी पंडितों को उनका स्थान वापस दिलाने और गैर-कश्मीरी जो कि PoK अधिकृत क्षेत्र से आए हैं और राहत अनुसूचित रिपोर्ट के हिसाब से कश्मीर में रह रहे हैं। उन सभी को वहाँ से बाहर निकालने का, विधेयक पारित करने पर संसद में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। क्योंकि आने वाले लोकसभा के चुनाव को मद्देनजर रखते हुए और 370 हटाने के बाद अब कश्मीर की जनता और कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए ये विधेयक बेहद कारगर साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी के लिए उनकी जीत का एक बहुत बड़ा कारण कश्मीरी पंडितों को उनकी जगह वापस दिलाना भी हो सकता है, इसलिए यह संसद में रखना अति आवश्यक हुआ है। 370 पास होने से पहले कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को लेकर अक्सर असहनीय घटना सुनाई पड़ती थी। आतंकवादियों को झेलते हुए वहाँ के लोगों ने अपनी कई बार जाने भी गवा दी थी। लेकिन 370 होने के बाद कश्मीर आज भारत का एक खूबसूरत राज्य है और ऐसे में एक बार फिर से कश्मीरी पंडितों को उनकी जगह और नाम वापस दिलाने के लिए बीजेपी ने यह आवश्यक कदम उठाया है। संसद के शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को पारित करना अति आवश्यक भी हो गया है।
















































































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