चिराग पासवान का बड़ा बयान, मंत्री पद छोड़ने की दी चेतावनी।
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। पीएम मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग ने कहा कि अगर उन्हें अपने समाज के लोगों की कोई परेशानी नजर आई, तो वे एक मिनट में मंत्री पद त्याग देंगे। यह बयान उन्होंने 30 सितंबर को पटना के एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अभिनंदन समारोह में दिया। चिराग पासवान ने आगे कहा कि चाहे वह किसी भी गठबंधन में हों या किसी भी मंत्री पद पर, यदि उन्हें लगेगा कि संविधान और आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है, तो वे तुरंत मंत्री पद छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनके पिता ने भी एक पल में मंत्री पद त्याग दिया था, और वह भी ऐसा ही करेंगे। इसके अलावा, चिराग पासवान ने मंच से घोषणा की कि 28 नवंबर को गांधी मैदान में पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली का उद्देश्य पार्टी की ताकत को प्रदर्शित करना और अपने समाज के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लैटरल एंट्री में आरक्षण के मामले में जब उन्होंने पीएम मोदी से बात की, तो उन्होंने उनकी बात सुनी और इसे गलत ठहराया। क्रीमी लेयर के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह लागू नहीं होगा। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि वह अपने समाज के लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे, चाहे इसके लिए किसी से विरोध ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने अपने पिता की याद करते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा अपने समाज की भलाई के लिए संघर्ष किया और वह भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। इसके अलावा, चिराग ने इशारों-इशारों में अपने चाचा पशुपति पारस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चिराग पासवान को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वह अपने समाज को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्हें यह पसंद नहीं है कि वह अपने पिता की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। चिराग ने कहा, "जो लोग मुझे तोड़ना चाहते हैं, वे भूल जाते हैं कि मैं शेर का बेटा हूं। मैं किसी के सामने झुकने वाला नहीं हूं और न ही डरता हूं।
















































































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