शिंदे सरकार के बड़े फैसले: टोल हटाए, विश्वविद्यालय का नाम बदला, साथ नहीं बढ़ाया वेतन।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की महायुति सरकार की संभवतः अंतिम बैठक हुई। इस बैठक में राज्य की जनता के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल में कुछ घोषणाएं कीं, जिससे लोगों को राहत मिलेगी, जैसे कि हल्के वाहनों का टोल टैक्स फ्री करने का निर्णय। महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, और आचार संहिता किसी भी समय लागू हो सकती है। इससे पहले राज्य सरकार अहम फैसले ले रही है ताकि विभिन्न वर्गों को आकर्षित किया जा सके। महायुति सरकार ने समाज के कई हिस्सों के लिए निर्णय लिए हैं, जिससे चुनाव से पहले लोगों का समर्थन पाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में प्रवेश करने वाले सभी पांच टोल नाकों पर हल्के वाहनों का टोल हटा दिया गया है। अब दहिसर, मुलुंड, वाशी, ऐरोली और तीनहाथ नाका पर छोटी गाड़ियां बिना टोल दिए आ-जा सकेंगी। यह फैसला 15 अक्टूबर की रात 12 बजे से लागू होगा। इसके अलावा, महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'पद्म विभूषण रतन टाटा' रखा गया है, जैसा कि कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया। शिंदे सरकार ने अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं, जैसे होम गार्डों का वेतन लगभग दोगुना करना, जिससे करीब 50 हजार होम गार्ड्स को लाभ होगा। सरकार ने कई आईटीआई संस्थानों के नाम भी महापुरुषों के नाम पर बदल दिए हैं। इसके साथ ही, महाराष्ट्र के मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का वेतन भी दोगुना कर दिया गया है।
















































































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