भारत के लिए खतरा बन गया था चीनी जहाज़, वैज्ञानिक अभियान के तहत हिंद महासागर में उतरे इस जहाज़ ने 1 दिसंबर को की वापसी।
13 चीनी संगठनों के 37 साइंटिस्ट जासूसी जहाज शी यान-6 पर सवार थे, जो 28 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे।10 सितंबर को यह यान हिंद महासागर में उतरा था और 1 दिसंबर को इसने वापसी की।
हिंद महासागर (IOR) में तैनात चीनी रिसर्च जहाज शी यान-6, 83 दिन बाद अपने बेस की तरफ वापस लौट गया है। चीन के इस वैज्ञानिक अभियान के खत्म होने से भारत को राहत की सांस मिली है क्योंकि एक्सपर्ट्स इसको भारत की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा मान रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, 13 चीनी संगठनों के 37 साइंटिस्ट इस जहाज पर सवार थे, जो 28 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे। साउथ चाइना सी इंस्टीट्यूट ऑफ ओशियनोलॉजी ने चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के तहत इस मिशन का आयोजन किया था। 10 सितंबर को यह हिंद महासागर में पहुंचा था, जबकि भारत अक्टूबर में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट करने वाला था, जिसके लिए बंगाल की खाड़ी से हिंद महासागर ने फ्लाई जोन बनाने की घोषणी की गई थी। इससे पहले ही 10 सितंबर को चीन ने अपना चीनी जासूसी जहाज हिंद महासागर में उतार दिया। इसके चलते ऐसा माना जा रहा था कि अगर भारत परीक्षण करता है तो भारतीय मिसाइल की खुफिया जानकारी चीन को पता चल सकती हैं।
भारत के लिए क्यों माना जा रहा था खतरा?
चीन ने ठीक ऐसे समय पर अपना वैज्ञानिक जहाज हिंद महासागर में उतारा, जब भारत बंगाल की खाड़ी में बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने वाला था। पहले भी वह इसी तरह की हरकत कर चुका है। साल 2022 में भी नंबर में भारत अग्नि की न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने वाला था और उससे कुछ दिन पहले ही चीन ने अपना जहाज युआन वांग-6 हिंद महासागर में उतार दिया था। उसी साल दिसंबर में चीनी जहाज युआन वांग-5 हिंद महासागर में उतारा गया था, जबकि भारत लंबी दूरी की मिसाइल का 15 से 16 दिसंबर के बीच परीक्षण करने वाला था।
क्या करने आया था जहाज, चीन ने खुद बताया
चीन ने कहा कि यात्रा के दौरान चीनी जहाज ने जल-मौसम विज्ञान अवलोकन, वायुमंडलीय एरोसोल भूकंपीय संग्रह, जांच बहु-विषयक कार्य और समुद्री तलछट संग्रह और जैव रसायन जैसे कार्य किए। उनका कहना है कि वैज्ञानिकों ने ऑन-साइट अवलोकन डेटा और नमूने प्राप्त किए।
















































































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