सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग: उत्तर प्रदेश उपचुनाव की नई उम्मीद।
उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का मामला हल होने की कगार पर है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का दबाव अब असर दिखा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कोटे से कांग्रेस को एक और सीट देने का मन बना लिया है। आज रात तक दोनों दलों के बीच सीटों का फैसला हो सकता है। कांग्रेस लगातार पांच सीटों की मांग पर अड़ी थी, जबकि समाजवादी पार्टी ने खैर और गाजियाबाद सीट देने की बात पहले ही कह दी थी। इस वजह से दोनों पार्टियों के बीच बातचीत में कड़वाहट आ गई थी, जिससे कांग्रेस ने उपचुनाव से खुद को अलग करने का विचार भी किया। लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है।
अखिलेश यादव ने संकेत दिए हैं कि सपा अब कांग्रेस को तीन सीटें देने को राजी हो गई है। इनमें परंपरागत फूलपुर सीट भी शामिल है, जिसे लेकर सपा के अध्यक्ष को लगता है कि यह गठबंधन की मजबूती के लिए आवश्यक है। अखिलेश यादव INDIA गठबंधन की एकता के पक्षधर हैं और चाहते हैं कि कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाए। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व की असंतोषपूर्ण प्रतिक्रियाएं स्थिति को और बिगाड़ रही थीं, लेकिन अब अखिलेश यादव ने मोर्चा संभाला है। अगर कांग्रेस फूलपुर सीट को लेकर संतुष्ट हो जाती है, तो सपा वहां से अपना उम्मीदवार वापस ले लेगी। हालांकि, कांग्रेस ने मंझवा और फूलपुर पर अपनी दावेदारी लगातार जताई है, जहां बीजेपी और निषाद पार्टी का कब्जा है। दोनों सीटों पर सपा को 2022 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। पहले कांग्रेस ने भी उन्हीं पांच सीटों पर दावा किया था, जिन पर सपा चुनाव हार गई थी। अब देखना है कि दोनों दलों के बीच समझौता कैसे और कब अंतिम रूप लेता है।
















































































Leave Your Message