चीन का शेनझोउ-19 मिशन: अंतरिक्ष यात्रा की नई ऊंचाइयां, 2030 तक चंद्रमा पर जाने का लक्ष्य।
चीन ने बुधवार को अपना शेनझोउ-19 स्पेस मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसमें तीन अंतरिक्ष यात्री तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के लिए छह महीने के मिशन पर गए हैं, जिसमें चीन की पहली महिला स्पेस इंजीनियर भी शामिल हैं। मिशन सुबह 4:27 बजे (बीजिंग समय) जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से शुरू हुआ। लॉन्च के 10 मिनट बाद यान अपनी कक्षा में पहुंच गया और सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। चालक दल में मिशन कमांडर काई ज़ुजे, एस्ट्रोनॉट्स सोंग लिंगडोंग और वांग हाओजे शामिल हैं। काई ज़ुजे पहले भी अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं, जबकि सोंग और वांग की यह पहली उड़ान है। मिशन का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना है।
मिशन के दौरान एस्ट्रोनॉट्स के सामने कई चुनौतियां हैं, जैसे अंतरिक्ष विज्ञान और एप्लीकेशन का परीक्षण करना, सुरक्षा उपकरण स्थापित करना, और अतिरिक्त वाहन पेलोड व उपकरणों की स्थापना करना। चीन की मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी (सीएमएसए) के प्रवक्ता लिन ज़िकियांग ने लॉन्च से पहले कहा था कि वे अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान और नई तकनीकों का परीक्षण करेंगे, जिसमें जीवन विज्ञान, माइक्रोग्रैविटी फिजिक्स, सामग्री विज्ञान, स्पेस मेडिसिन, और अन्य क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। सीएमएसए के अनुसार, शेनझोउ-19 के अंतरिक्ष यात्री अगले साल अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया क्षेत्र के डोंगफेंग लैंडिंग साइट पर लौटेंगे। अप्रैल में सीएमएसए ने बताया था कि चीन ने अपने अंतरिक्ष स्टेशन में 130 से अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान और एप्लीकेशन प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।
















































































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