धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 160 किलोमीटर लंबी पदयात्रा, हिंदू समाज की एकता के लिए ऐतिहासिक कदम।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, ने आज से 160 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा की शुरुआत की है, जो बागेश्वर धाम से ओरछा तक जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू समाज को जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठाकर एकजुट करना है। शास्त्री जी ने यात्रा की शुरुआत में कहा, "यह जो हजारों की भीड़ है, ये जागरूक हिंदू हैं जो अब चुप नहीं बैठेंगे। हम हिंसा वादी नहीं, अहिंसा वादी हैं, लेकिन हमारे पास विचारों की तलवार है। हम चाहते हैं कि हिंदू अपने हक की बात करें, संविधान की बात करें, और देश की एकता की बात करें। धीरेंद्र शास्त्री ने राम मंदिर के संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा, "क्या इससे बड़ा संकट हो सकता है कि अपने देश में, अपने ही मंदिरों पर कब्जा किया जाए? हमारे दादा-परदादा ने राम के लिए संघर्ष किया, फिर भी हमें 500 सालों तक राम मंदिर के लिए लड़ाई लड़ी। बाबर और अकबर जैसे शासकों ने हमारे मंदिरों को मस्जिद में बदल दिया। इतने संघर्षों के बाद भी, हमें आज भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा होना पड़ता है।" शास्त्री जी ने यह भी कहा कि वे कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बना रहे, उनका उद्देश्य सिर्फ हिंदू धर्म के लिए जीना और मरना है।
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज को जातिवाद और अन्य सामाजिक बुराईयों को खत्म कर एकजुट होने की अपील की और कहा "हमारी पार्टी बजरंगबली की पार्टी है, जिसका प्रतीक मुगदर है और नारा है - 'जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं"। यह यात्रा हिंदू समाज को एकजुट करने और उनके अधिकारों के लिए खड़ा होने का एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है, और यह संकल्प हिंदू धर्म की ताकत और एकता को भी प्रदर्शित करेगा।
















































































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