उद्धव ठाकरे का बड़ा कदम, हार के बाद अपने उम्मीदवारों को दिया वीवीपैट पुनर्गणना की याचिका दायर करने का आदेश।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद, विपक्ष ने एक बार फिर से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। शिवसेना-यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है। शिवसेना-यूबीटी की बैठक में हारने वाले उम्मीदवारों ने ईवीएम घोटाले का शक व्यक्त किया। इसके बाद, उद्धव ठाकरे ने अपने सभी पराजित उम्मीदवारों को निर्देश दिया कि जिन मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी का संदेह है, वहां 5 फीसदी VVPAT (वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) की दोबारा गिनती करने की याचिका दायर की जाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद, शिवसेना-यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने 27 नवंबर को मातोश्री पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें शिवसेना नेताओं और विजयी विधायकों के साथ चर्चा होगी। इससे पहले, ठाकरे ने पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए, हारने वाले कुछ विधायकों द्वारा ईवीएम की कार्यप्रणाली पर संदेह जताने की जानकारी दी। इस संदर्भ में, नियम के तहत पराजित उम्मीदवारों को नतीजे के 6 दिन के भीतर 5 फीसदी वीवीपैट की पुनर्गणना की याचिका दायर करने का अधिकार है। उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं से उम्मीद न खोने और पार्टी के पुनर्निर्माण के लिए प्रयास करने की अपील की। उन्होंने एक दिन पहले ही पार्टी के विजयी विधायकों से मुलाकात की थी। शिवसेना-यूबीटी महा विकास अघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, और विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 97 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें से 20 विजयी हुए।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे को सोमवार को शिवसेना-यूबीटी विधायक दल का नेता चुना गया। यह फैसला पार्टी विधायकों की बैठक में लिया गया। आदित्य ठाकरे, जो पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे हैं, ने हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में वर्ली निर्वाचन क्षेत्र से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मिलिंद देवरा को 8,801 मतों से हराया था।
















































































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