हेमंत सोरेन का चौथा शपथ ग्रहण, झारखंड की सामाजिक न्याय और एकता की दिशा में नया कदम।
हेमंत सोरेन ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि झारखंड की धरती हमेशा से संघर्ष और विरोध की प्रेरणा देती रही है। उन्होंने राज्य के महान नायकों जैसे भगवान बिरसा मुंडा, भगवान सिदो-कान्हू, अमर शहीद तेलंगा खड़िया, फूलो-झानो, पोटो हो, शेख भिखारी, और अन्य शहीदों के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वीरों के बलिदान और उनके संघर्ष की विरासत से ही झारखंड का विकास हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि यह दिन झारखंडियों के सामूहिक संघर्ष, प्रेम-भाईचारे की भावना और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। हेमंत सोरेन ने झारखंड को सामाजिक न्याय, एकता, और समानता की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, जिसमें विपक्ष के नेताओं का भी शिरकत करना अपेक्षित है।
हेमंत सोरेन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 28 नवंबर का दिन राजनीतिक जीत से अधिक, झारखंड की सामाजिक न्याय और एकता के संघर्ष को मजबूत करने का दिन है। उन्होंने यह बताया कि यह दिन लोकतंत्र पर बढ़ते दबाव के बावजूद, झारखंड की जनता की एकजुटता को दर्शाता है, जहां हर गांव और शहर में "अधिकार, समानता, एकता" की आवाज गूंज रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी एकता हमारा सबसे बड़ा हथियार है, जिसे न तो विभाजित किया जा सकता है और न ही शांत किया जा सकता है। वे अपने पूर्वजों की एकता को फिर से दोहराते हुए, राज्य के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि संघर्ष जारी रहेगा। 23 नवंबर को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन को 56 सीटें मिलीं। झामुमो को 34, कांग्रेस को 16, राजद को 4 और सीपीआई एमएल को 2 सीटें मिलीं। यह पहली बार है जब राज्य में कोई सरकार दो तिहाई बहुमत के साथ बन रही है।
















































































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