महंगाई के चलते आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, सस्ते लोन और ईएमआई घटने का बढ़ा इंतजार।
आसमान छूती महंगाई ने एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को कोई कदम उठाने से रोक दिया है। शुक्रवार को आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के दौरान यह घोषणा की कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी, रेपो रेट को 6.5% पर ही बरकरार रखा गया है। इसका मतलब है कि जिन लोगों को सस्ते लोन और कम ईएमआई का इंतजार था, उन्हें अब इसके लिए फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा। आरबीआई के फैसले के अनुसार, समिति के 6 में से 4 सदस्य रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं चाहते थे। महंगाई को काबू में रखने के लिए आरबीआई ने इस फैसले को लिया है, क्योंकि अगर रेपो रेट को घटाया जाता, तो इससे महंगाई बढ़ सकती थी। इस समय महंगाई की दर उच्च स्तर पर बनी हुई है, और आरबीआई का लक्ष्य इसे नियंत्रित रखना है। हालांकि, लोगों को सस्ते लोन की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में आरबीआई ने एक और बार रेपो रेट को स्थिर रखा है। इसके बावजूद, आरबीआई के अधिकारियों का मानना है कि आगामी महीनों में महंगाई में कमी आ सकती है, जिससे भविष्य में रेपो रेट में कटौती की संभावना बन सकती है।
आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिवसीय बैठक 4 दिसंबर को शुरू हुई थी और बैठक में लिए गए फैसलों का आज एलान किया गया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा हमारा लक्ष्य महंगाई पर नियंत्रण रखना है और ग्रोथ को बनाए रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कीमतों को स्थिर रखना सबसे जरूरी है पर साथ में ग्रोथ को बनाए रखना भी जरूरी है और यही आरबीआई के एक्ट में भी कहा गया है। आरबीआई ने अपने ग्रोथ रेट के अनुमान को घटा दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने 6.6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट रहने का अनुमान जताया है जो पहला 7.2 फीसदी रहा था।
















































































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