शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन, ट्रैक्टर मार्च और 'रेल रोको' अभियान की तैयारियाँ।
शंभू बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। आज किसान पंजाब के बाहर अपने-अपने ट्रैक्टर के साथ मार्च करने जा रहे हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर सिंह ने 15 दिसंबर को ऐलान किया था कि 16 दिसंबर को पंजाब के बाहर किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। यह मार्च पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के उद्देश्य से किया जाएगा। पंधेर सिंह ने यह भी बताया कि इस मार्च के बाद 18 दिसंबर को पंजाब में 'रेल रोको' अभियान चलाया जाएगा, जिसमें रेलवे ट्रेनों को रोककर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई जाएगी। किसान नेता ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा और इसके लिए वे पंजाब के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे। यह घोषणा उस समय की गई है जब कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा कारणों से 101 किसानों के जत्थे को रोक दिया था, और फिर उन्हें पूरे दिन के लिए वापस भेज दिया गया था। इसके बावजूद किसान अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं और आंदोलन को और तेज करने का इरादा रखते हैं।
किसानों की मुख्य मांगों में कृषि कानूनों को रद्द करना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी शामिल हैं। शंभू बॉर्डर पर पिछले कुछ हफ्तों से किसान भारी संख्या में जुटे हुए हैं, और उनका आंदोलन अब पंजाब के बाहर फैलने के लिए तैयार है। बीते दिन शंभू बॉर्डर पर किसानो को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार की थी। जिससे अफरा - तफ़री मच गई जिसके कारण 17 किसान बुरी तरह वहा घायल हो गए थे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कई किसानों की हालत गंभीर है और अधिकारियों पर अस्पताल में इलाज मुहैया कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
















































































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