मणिशंकर अय्यर का राजनीति पर खुलासा: गांधी परिवार से दूरी और नास्तिकता पर बात।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने राजनीतिक करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, जो कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रभाव से जुड़ा हुआ है। अय्यर ने कहा कि उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत और उन्नति गांधी परिवार के आशीर्वाद से ही हुई थी, लेकिन बाद में वही परिवार उनकी राजनीतिक यात्रा के अंत का कारण बना। अय्यर ने खुलासा किया कि पिछले 10 वर्षों में सोनिया गांधी से उनकी मुलाकात का एक भी मौका नहीं मिला। उन्होंने सिर्फ एक बार सोनिया गांधी से मुलाकात की है और राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से भी उनकी कोई मीटिंग नहीं हुई। हालांकि, प्रियंका गांधी से उनकी फोन पर बातचीत होती रहती है, जिससे वह उनके संपर्क में बने रहते हैं। इस पर अय्यर ने कहा, "मेरे जीवन की विडंबना यही है कि गांधी परिवार ने ही मेरा करियर ऊपर उठाया और अब उसी परिवार की वजह से यह नीचे गिर रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि वह कांग्रेस पार्टी से बाहर रहकर भी खुद को उसका सदस्य मानते हैं और उनका भाजपा में जाने का कोई इरादा नहीं है। उनका कहना था कि राजनीति में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, और अब तो वह कांग्रेस से बाहर रहने की आदत भी डाल चुके हैं। सोनिया गांधी से जुड़ी एक दिलचस्प घटना को याद करते हुए अय्यर ने कहा कि एक क्रिसमस के दिन जब उन्होंने सोनिया गांधी को "मेरी क्रिसमस" कहा, तो सोनिया गांधी ने आश्चर्यचकित करते हुए जवाब दिया, "मैं ईसाई नहीं हूं।" अय्यर ने कहा कि यह पल उनके लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सोनिया गांधी खुद को ईसाई नहीं मानतीं। आखिरकार, अय्यर ने अपनी धार्मिक आस्थाओं के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह एक नास्तिक हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरे धर्मों का अपमान करते हैं। वह सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करते हैं।
















































































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