तबला वादन की दुनिया के सितारे उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, 73 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा।
मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में हो गया है। रविवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उस्ताद जाकिर हुसैन पांच बार ग्रैमी अवॉर्ड विजेता रहे थे। उनके मित्र और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने रविवार को उनके अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी। उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस नामक बीमारी के कारण हुआ है। राकेश चौरसिया ने बताया कि अमेरिका में रह रहे उस्ताद जाकिर हुसैन को रक्तचाप की समस्या थी। उन्होंने कहा, "हुसैन को पिछले सप्ताह हृदय संबंधी समस्या के कारण सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।" हालांकि, रात तक उनके निधन की खबर को गलत बताया जा रहा था। उस्ताद जाकिर हुसैन विश्वभर में प्रसिद्ध तबला वादक थे और उन्हें देश-विदेश में कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया था। पद्म विभूषण से सम्मानित इस प्रख्यात तबला वादक के निधन की पुष्टि सोमवार, 16 दिसंबर की सुबह उनके परिवार ने PTI को की।
उस्ताद जाकिर हुसैन एक प्रमुख तबला वादक थे, जिन्होंने 1991 में 'प्लैनेट ड्रम' पर मिकी हार्ट के साथ काम कर ग्रैमी अवॉर्ड जीते। उन्हें भारत सरकार द्वारा 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से नवाजा गया। उनका जन्म 9 मार्च, 1951 को मुंबई में हुआ था, और उन्होंने 7 साल की उम्र में तबला बजाना शुरू किया। वह वाशिंगटन विश्वविद्यालय से संगीत में डॉक्टरेट धारक थे और कई फिल्मों के साउंडट्रैक पर भी काम किया।
















































































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