पंजाब में किसानों ने शुरू किया रेल रोको आंदोलन, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से मिलने से किया इनकार। 

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी किसानों के मुद्दों को समय पर सुलझाने में नाकाम रही है, जिसके कारण दोनों किसान मोर्चों ने अब कमेटी से न मिलने का फैसला किया है। पंढेर ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर दोनों मोर्चों ने यह बात देश के सामने रखी थी कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने सभी मुद्दों का समाधान समय पर नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि डल्लेवाला साहेब ने खुद दोनों मोर्चों को एक पत्र लिखा था। अब दोनों मोर्चों का यह निर्णय है, जैसा कि पहले भी ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया था। इस बीच, पंजाब में किसानों ने आज (18 दिसंबर) दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक रेल रोको आंदोलन की शुरुआत की है। यह आंदोलन मंगलवार को ही आह्वान किया गया था, और पंढेर ने पंजाब की जनता से इसमें शामिल होने की अपील की है।

किसान मोर्चों ने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी से मिलने में असमर्थ हैं, और आगे की वार्ता अब केंद्र सरकार से ही की जाएगी। मोर्चों ने कहा कि यह कमेटी तब बनी थी जब एक पीआईएल (लोक हित याचिका) दायर की गई थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि रास्ता खोला जाए। प्रशासन से दो दौर की बातचीत हुई, और किसानों ने कहा था कि उन्हें रास्ता खोलने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद हरियाणा सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। किसान मोर्चों ने कहा कि उन्होंने अपनी मांग पत्र सौंपा था और अपना पक्ष भी रखा था। साथ ही, मोर्चों ने यह भी बताया कि डल्लेवाल साहेब की सेहत बिगड़ने के कारण वे कमेटी से मिलने में असमर्थ हैं, और अब उनकी यह स्थिति ऐसी है कि वे केवल केंद्र सरकार से ही वार्ता करना चाहते हैं।

 

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