योगी आदित्यनाथ का केजरीवाल पर पलटवार, कहा- दिल्ली पर यूपी-उत्तराखंड के नागरिकों का भी अधिकार!
दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोटर्स के नाम काटने और जोड़ने को लेकर जारी सियासत में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर राजनीति तेज हो गई है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने मतदाता सूची में 13,000 नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है और चुनाव को प्रभावित करने के लिए 5,500 मतदाता प्रविष्टियों को रद्द करने की मांग की है। केजरीवाल ने इस मुद्दे को लेकर निर्वाचन आयोग को औपचारिक शिकायत भी दी थी, जिसमें उन्होंने 15 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच किए गए इन बदलावों को लेकर चिंता जताई।
केजरीवाल के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर जवाब दिया। प्रयागराज में ABP न्यूज़ से खास बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने संवैधानिक संस्था पर प्रश्न उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पर केवल दिल्ली के नागरिकों का ही नहीं, बल्कि यूपी और उत्तराखंड से आने वाले लोगों का भी अधिकार है। योगी ने यह भी कहा कि जैसे अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में अपना अधिकार है, वैसे ही बाहरी राज्यों के लोगों को भी दिल्ली में अपना वोट बनाने का पूरा अधिकार है।
केजरीवाल के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने भी एक सुर में उनकी आलोचना की। सभी पार्टियों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल जनता के बीच मनमुटाव का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके।
इस बीच, बीजेपी की दिल्ली इकाई ने केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। 10 जनवरी 2025 को, पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए उनसे अपने बयान पर माफी की मांग की। बीजेपी ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह वोटों के लिए राज्य के नागरिकों को आपस में विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह सियासी विवाद अब दिल्ली विधानसभा चुनाव की गर्मी को और बढ़ा रहा है, और सभी पार्टियां इसे अपने-अपने तरीके से भुनाने की कोशिश कर रही हैं।
















































































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