राहुल गांधी ने एम्स दौरे के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत पर उठाए सवाल, सरकार पर असंवेदनशीलता का लगाया आरोप।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एम्स का दौरा करते हुए कहा कि यह स्थिति पूरी तरह से अस्वीकार्य है, जहां लोग, खासकर गरीब मरीज, जिनके पास इलाज के लिए संसाधन नहीं हैं, ठंड और गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं। उन्होंने एम्स के बाहर के हालात को "नर्क" बताते हुए, यह भी आरोप लगाया कि सरकारों ने मरीजों के मूलभूत अधिकारों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों के पास न तो कोई आश्रय है, न खाने के लिए भोजन, न स्वच्छता के लिए शौचालय और न ही पीने का पानी, जो कि एक चिकित्सा सुविधा के बाहर बुनियादी आवश्यकताएं हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह स्थिति 21वीं सदी में अस्वीकार्य है और यह दर्शाता है कि केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ने अस्पतालों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने सरकार से त्वरित सुधार की मांग की और कहा कि यह समय है जब सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए और सर्दी के मौसम में रोगियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर भी लिखा कि, "यह केवल ठंड और गंदगी नहीं, बल्कि यह गंभीर असंवेदनशीलता और सरकार की नाकामी का परिणाम है।" उन्होंने इस मुद्दे को देशभर के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार की जरूरत के रूप में उठाया और सरकार से लोगों के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
एक मरीज ने राहुल गांधी से कहा, कोई बिहार से आया है तो कोई उत्तर प्रदेश से आया है। हम लोग यहां ठंडी में तड़प रहे हैं, पीने का पानी और खाना नहीं मिल रहा है। डॉक्टर हमें 15 दिनों से इधर-उधर भेज रहे हैं, और 6 बजे के बाद अस्पताल से बाहर निकाल दिया जाता है। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "हम आप सभी की मदद के लिए यहां आए हैं, और हम आपके संघर्ष को समझते हैं। यह स्थिति पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग करेंगे।
















































































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