दिल्ली विधानसभा चुनाव: महिला वोटरों को आकर्षित करने की रणनीतियों में जुटी प्रमुख पार्टियां।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। दिल्ली में 5 फरवरी को वोटिंग होने वाली है, जिसके नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। ऐसे में सभी पार्टियां महिला वोटों को लुभाने की खास कोशिश में लगी हैं। आप, बीजेपी, कांग्रेस, तीनों ही पार्टियां महिला वोटरों के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही हैं। कारण साफ है, दिल्ली की महिला वोटरों में इतनी ताकत है कि वह किसी भी दल को सत्ता के सिंहासन की चाबी दिलवा सकती हैं। दिल्ली में महिला वोटरों की संख्या 46 (छयालीस) फीसदी है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जब दिल्ली चुनावों की तारीख घोषित की थी तो उन्होंने बताया था कि दिल्ली में कुल 1.55 (पच्पन) करोड़ वोटर हैं, जिसमें पुरुष वोटरों की कुल संख्या 83.89 (तिरासी दसमलव नवासी) लाख और महिला वोटरों की कुल संख्या 71.74 (इकत्तर दशमलव चौहत्तर) लाख है। मतलब साफ है कि अगर कोई पार्टी महिला वोटरों को अपनी ओर लुभाने में सफल हो जाती है तो वह सियासी मैदान में बाकी की अपेक्षा मजबूत स्थिति में आ सकती है।
दिल्ली में कुल वोटर- 1.54 करोड़ (चौवन)
कुल महिला वोटर- 71.73 लाख (इकत्तर तिहत्तर)
कुल पुरुष वोटर- 83.80 लाख (तिहत्तर अस्सी)
आप
महिला सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने का वादा
महिलाओं के लिए सरकारी बसों में फ्री यात्रा की सुविधा जारी रखने का वादा
भाजपा
महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा
रसोई गैस सिलेंडर पर 500 रुपये की सब्सिडी देने और होली-दिवाली पर एक-एक रसोई गैस सिलेंडर फ्री में देने का वादा
कांग्रेस
प्यारी दीदी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा
सरकार बनने पर 500 रुपये में रसाई गैस सिलेंडर देने का वादा
साल 2020 में दिल्ली में पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 62.6 (बासत दशमलव छः) था, वहीं महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 62.5 (बासत दशमलव पांच) था। मतलब साफ है कि वोटिंग प्रतिशत के मामले में भी महिलाएं मजबूत स्थिति में हैं और वह अपनी सरकार चुनने के लिए एक जागरूक नागरिक की भूमिका निभाती हैं।
















































































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