कंगना की 'इमरजेंसी' को लंदन में हिंसक विरोध, सांसद बॉब ब्लैकमैन ने ब्रिटिश सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील।
कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को लंदन में बढ़ते विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के गृह सचिव से कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है। उनका कहना है कि फिल्म देखने आए दर्शकों को खालिस्तान समर्थकों ने धमकाया और डराया, जो एक गंभीर मुद्दा है। विरोध मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम लंदन में हुआ, जहां खालिस्तान समर्थक समूहों के सदस्य सिनेमाघरों में घुसकर दर्शकों को धमका रहे थे। 'इमरजेंसी' फिल्म 1975 के आपातकाल की घटनाओं पर आधारित है, जिसमें कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। बॉब ब्लैकमैन ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं भारत-ब्रिटेन संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं और ब्रिटिश सरकार से दखल देने की अपील की है।
कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को ब्रिटेन में कई विवादों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद बॉब ब्लैकमैन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में इस मुद्दे की निंदा करते हुए बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों को धमकाया गया। बर्मिंघम, स्लो, वॉल्वरहैम्प्टन, मैनचेस्टर और स्टेन्स जैसे शहरों से फिल्म देखने आए लोगों को डराने की खबरें आई हैं। इसके बाद, फिल्म को ब्रिटेन के कई सिनेमाघरों से हटाने का निर्णय लिया गया, खासकर 'व्यू' और 'सिनेवर्ल्ड' चेन ने इसे अपने सिनेमाघरों से हटा लिया। 'इमरजेंसी' फिल्म को पंजाब में भी विरोध का सामना करना पड़ा था। यह फिल्म 1975 में लागू की गई आपातकाल की घटनाओं पर आधारित है, और कंगना ने इसमें इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। पंजाब में विरोध को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने इसे कला और कलाकार का उत्पीड़न बताया। उन्होंने कहा कि यह विरोध उनके और उनकी फिल्म की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है और इसे पूरी तरह से झूठा प्रचार करार दिया। कंगना ने यह भी कहा कि चंडीगढ़ में पली-बढ़ी होने के कारण उन्हें सिख धर्म से गहरी समझ और सम्मान है, और यह विरोध उनकी फिल्म के प्रति नकारात्मक प्रभाव डालने की एक साजिश है।
















































































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