पंजाब की सियासत में गरमाया माहौल, केजरीवाल ने सीएम मान और विधायकों की बुलाई बैठक।
दिल्ली में विधानसभा चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल के लिए पंजाब की सत्ता को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। आम आदमी पार्टी के भीतर के मतभेद और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ असंतोष ने पार्टी की स्थिति को मुश्किल बना दिया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के पास कुल 117 सीटों में से 94 विधायक हैं, लेकिन करीब 17-18 विधायक भगवंत मान से नाराज हैं, जिनकी शिकायतें केजरीवाल तक पहुंची हैं। कांग्रेस ने भी इस मौके पर आरोप लगाया है कि वह 30 से अधिक आम आदमी पार्टी के विधायकों के संपर्क में है, जो दलबदल के लिए तैयार हैं। ऐसे में केजरीवाल ने पार्टी के सभी विधायकों और मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है, जो इस मामले में अहम हो सकती है।इसके अलावा, पंजाब की कैबिनेट बैठक कई बार स्थगित हो चुकी है, और यह सियासी हलचल का कारण बनी हुई है। फिलहाल, यह देखने वाली बात होगी कि इस बैठक के बाद पार्टी की रणनीति क्या होगी और क्या भगवंत मान की नेतृत्व में पार्टी अपनी स्थिति को मजबूती से बनाए रख पाएगी।
राज्य कैबिनेट की बैठक 6 फरवरी को होनी थी, लेकिन इसे पहले 10 फरवरी और फिर 13 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, बैठक का एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल पार्टी के विधायकों को यह संदेश देंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से 'आम आदमी' के तौर पर जुड़े रहें और सत्ता के लाभों से प्रभावित न हों। आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कांग ने कहा कि यह बैठक पार्टी नेताओं से फीडबैक लेने के लिए है, ताकि भविष्य की रणनीति बनाई जा सके। इसका मतलब यह है कि बैठक संगठनात्मक दृष्टिकोण से है, ताकि पार्टी की आगामी योजनाओं को लेकर सभी इकाइयों से जानकारी ली जा सके।
















































































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