महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की आस्था यात्रा, कांग्रेस ने धार्मिक राजनीति का लगाया आरोप।
प्रयागराज महाकुंभ, जो सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, इस बार भी विश्वभर से श्रद्धालुओं और नेताओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट के सदस्य, बीजेपी के सांसद और विधायक महाकुंभ में भाग लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी अपने क्षेत्र की जनता के लिए आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। साथ ही, यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि इससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी एक नई दिशा मिल सकती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का इस आयोजन में भाग लेना पार्टी के लिए एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जो राज्य में बीजेपी के प्रभाव को और मजबूत करने का उद्देश्य रखता है। महाकुंभ के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भव्य स्नान, और साधु संतों के प्रवचन होते हैं, जिनमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मुख्यमंत्री और उनकी टीम का प्रयागराज आना एक विशेष धार्मिक पहलू को भी उजागर करता है, जहां राजनीतिक नेता भी आस्था और विश्वास की यात्रा में सहभागी बनते हैं।उनका कार्यक्रम 11 बजे से 2 बजे तक पवित्र स्नान और दर्शनों के लिए निर्धारित किया गया है। इसके बाद, नेता तीन बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 4 बजे विशेष विमान से रायपुर लौटेंगे। सभी नेता करीब 5:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं को भी इस यात्रा के लिए आमंत्रित किया। इस पर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए इसे धार्मिक यात्रा के बजाय वोट बैंक की यात्रा करार दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने कहा कि वे आस्था और राजनीति को अलग रखते हैं, जबकि बीजेपी धर्म की राजनीति करती है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं की महाकुंभ यात्रा भी सिर्फ वोट बैंक की यात्रा है।
















































































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