बीजेपी ने नीतीश कैबिनेट में 7 नए मंत्री शामिल किए, बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू ।
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, और इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी अब बिहार में अपनी सियासी ताकत बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गई है। बीजेपी ने कई राज्यों में लगातार जीत हासिल करने के बाद अब बिहार में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इस बीच, आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में एक अहम विस्तार हुआ है, जिसमें बीजेपी कोटे से 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार से बीजेपी का दबदबा नीतीश कुमार की सरकार में और भी बढ़ गया है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि बिहार में बीजेपी ने अपनी स्थिति को मजबूती देने के लिए कदम उठाए हैं, और आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी तरह से अपनी ताकत झोंकने के लिए तैयार है। कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार में सत्ताधारी गठबंधन में बीजेपी का प्रभाव और मजबूत हुआ है। यह विस्तार राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ लाने की संभावना रखता है, क्योंकि बिहार में सियासी समीकरण दिन-ब-दिन बदलते जा रहे हैं। बीजेपी की बढ़ती ताकत और पार्टी नेताओं के प्रभाव को देखते हुए विपक्षी दलों के लिए यह नई चुनौती पैदा कर सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों में यह सत्ता समीकरण और अधिक दिलचस्प हो सकते हैं।
इन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
1 संजय सरावगी (बड़े वैश्य नेता): दरभंगा सीट से विधायक हैं। 5 बार से लगातार जीत रहे हैं।
2 डॉ सुनील (बड़े कुशवाहा नेता): नालंदा की बिहार शरीफ सीट से विधायक हैं। 3 बार से लगातार विधायक हैं। सीएम नीतीश के गृह जिले से आते हैं।
3 जीवेश कुमार मिश्रा (मिथिलांचन रीजन के भूमिहार नेता): दूसरी बार मंत्री बनाए गए हैं। लगातार दो बार से विधायक हैं। दरभंगा की जाले सीट से बीजेपी विधायक हैं।
4 राजू सिंह (मिथिलांचन रीजन के बड़े राजपूत नेता): मुजफ्फरपुर की साहिबगंज सीट से विधायक।
5 मोतीलाल (ओबीसी की तेली जाति से): सीतामढ़ी की रीगा सीट से बीजेपी विधायक हैं। 2 बार विधायक चुने जा चुके हैं। पहली बार 2010 में चुनाव जीते थे। 2020 में दूसरी बार विधायक चुने गए।
6 कृष्ण कुमार मंटू (ओबीसी की कुर्मी जाति से): सारण की अमनौर सीट से बीजेपी के विधायक हैं। 2010 में जेडीयू के टिकट पर विधायक बने थे। 2020 में बीजेपी के टिकट पर जीते।
7 विजय कुमार मंडल (अति पिछड़ा)- सीमांचल रीजन में मजबूत पकड़ रखते हैं। अररिया की सिकटी सीट से विधायक हैं। लगातार दो बार से चुनाव जीत रहे हैं। 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं।
बीजेपी ने बिहार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने के लिए नीतीश कैबिनेट में 7 नए मंत्रियों को शामिल किया है। बीजेपी के दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ये पद खाली हुए थे। नीतीश कुमार ने जनवरी 2024 में महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी। बिहार में विधानसभा चुनाव 8 महीने बाद होने हैं, और बीजेपी अब से ही चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। पीएम मोदी के बिहार दौरे के दो दिन बाद कैबिनेट विस्तार हुआ, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है।
















































































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