यूपी में सियासी बयानबाजी की गर्मी: मुस्लिमों के लिए अस्पताल से लेकर होली पर हिजाब तक की विवादित मांगें।
उत्तर प्रदेश में होली और जुमे को लेकर हाल ही में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें कई सियासी बयान सामने आए हैं। यूपी के अमृतकाल में सियासी माहौल गरमाया हुआ है और विभिन्न नेताओं के बयानों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक मंत्री ने होली पर मुस्लिम पुरुषों को हिजाब पहनने की सलाह दी, जबकि एक स्कॉलर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाए जाने की बात की। इस सियासी बयानबाजी में बीजेपी की फायर ब्रांड विधायक केतकी सिंह भी पीछे नहीं रहीं और उन्होंने मुस्लिमों के लिए अलग अस्पताल बनाने की मांग तक कर दी। विवाद की शुरुआत संभल सीओ अनुज चौधरी के होली को लेकर दिए गए बयान से हुई थी, जिसके बाद यह मुद्दा बुर्का, मंदिर और मुस्लिमों के लिए अलग अस्पताल जैसे संवेदनशील मुद्दों तक पहुंच गया। योगी सरकार में मंत्री रघुराज सिंह ने मुस्लिम पुरुषों को होली के दौरान हिजाब पहनने की सलाह दी, ताकि उनकी टोपी और शरीर सुरक्षित रह सके। इन बयानों ने यूपी की सियासत में नया मोड़ ले लिया है और एक बार फिर से साम्प्रदायिक मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश में होली और जुमे को लेकर विवाद और सियासी बयानों की बाढ़ आ गई है। योगी सरकार के मंत्री रघुराज सिंह ने होली पर मुस्लिम पुरुषों को हिजाब पहनने की सलाह दी, ताकि उनका शरीर और टोपी सुरक्षित रहे। उन्होंने होली में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को जेल भेजने या प्रदेश छोड़ने की चेतावनी भी दी। इसके अलावा, उन्होंने एएमयू में राम मंदिर बनाने की मांग का समर्थन किया। बीजेपी की महिला नेता रूबी आसिफ खान ने भी एएमयू में मंदिर बनाने की मांग की, जबकि बलिया की बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने मेडिकल कॉलेज में मुस्लिमों के लिए अलग विंग बनाने की बात की, ताकि हिंदू छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने बीजेपी के बयानों की आलोचना की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि होली एक आपसी सौहार्द का त्योहार है और एएमयू में मंदिर बनाने की मांग केंद्र सरकार का विषय है।
















































































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