महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद: VHP और बजरंग दल ने हटाने की करी मांग।
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद और भी बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने अपनी आवाज उठाते हुए कब्र को हटाने की मांग की है, जिसके बाद 17 मार्च को राज्यभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है। इन संगठनों का कहना है कि औरंगजेब का शासन अत्याचारों से भरा था और उसकी कब्र को सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और आरोप लगाया कि VHP और बजरंग दल के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे विवादित मामलों को उठा कर महाराष्ट्र के लोगों को अशांति में डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में औरंगजेब 27 साल तक रहा, लेकिन राज्य के विकास के लिए उसने कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया। इस तरह की मांगों से सिर्फ समाज में विभाजन होगा और राज्य का विकास रुक जाएगा। उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक कारणों से तूल पकड़ा जा रहा है, और इसका उद्देश्य केवल लोगों को आपस में लड़वाना है।
सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने गंभीर कदम उठाए हैं। छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (SRPF) को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या विवाद से बचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। VHP और बजरंग दल ने स्पष्ट किया है कि अगर कब्र हटाने में कोई और देरी होती है, तो वे 'कारसेवा' करेंगे, जिसके बाद तनाव और बढ़ सकता है। इसके साथ ही, राज्यभर में इन संगठनों ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है, जिससे प्रशासन को और भी कड़ी निगरानी रखनी होगी। यह विवाद अब राज्य के राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में भी गहरे प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि यह मुद्दा धार्मिक भावनाओं और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
















































































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