समाजवादी पार्टी में बड़े फेरबदल की संभावना, 20 जिलाध्यक्षों का होगा बदलाव।
उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी जहां राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक बदलाव कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) में भी बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। सपा ने 20 से ज्यादा जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी की है, और नई कमेटियों और जिलाध्यक्षों का चयन कार्यकर्ताओं की सक्रियता के आधार पर किया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं, और पार्टी 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना चाहती है। इसके लिए पार्टी बूथ स्तर पर अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज का मूल्यांकन कर रही है, और जिन पर सख्त पैमाने लागू नहीं होंगे, उन पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। सपा इस बदलाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी ध्यान दे रही है।
बीजेपी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में 70 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया था, जबकि कुल 98 जिलाध्यक्षों में से 70 के नाम सामने आए हैं। इसके बाद पार्टी ने अपने संगठन को और मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष का पद भी जल्द भरा जा सकता है, और इस पद के लिए कई नेता रेस में हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और हरीश द्विवेदी इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। अगर पार्टी पिछड़े या दलित नेता को यह जिम्मेदारी देती है, तो किसी पूर्व सांसद को भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
















































































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