बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वॉर और घोटाले के आरोपों से राजनीतिक माहौल गरमाया।
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सोमवार को कई राजनीतिक दलों ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। इस बीच, बिहार में पोस्टर वॉर भी तेज हो गया है। आरजेडी नेता और पूर्व सीएम राबड़ी देवी के घर के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर वक्फ और एनआरसी को लेकर निशाना साधा गया है। पोस्टर में लिखा है, "तुम तो धोकेबाज हो, वादा करके... एनआरसी पर हम तुम्हारे साथ नहीं, वक्फ पर तो बिल्कुल नहीं। वोट लेंगे तुम्हारा लेकिन साथ नहीं देंगे। कुछ दिनों पहले भी लालू यादव के घर के बाहर एक पोस्टर लगा था, जिसमें लिखा था, "ना झुका हूं, ना झुकूंगा, टाइगर अभी जिंदा है।" यह पोस्टर ईडी द्वारा लालू यादव और उनकी बेटी मीसा भारती को नोटिस भेजे जाने के बाद लगाया गया था। इस मामले में तेजस्वी यादव ने कहा था कि सरकार जानबूझकर उनके खिलाफ सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।
लालू प्रसाद यादव पर रेलवे में ग्रुप डी की भर्तियों में घोटाले का आरोप है। यह मामला 2004 से 2009 तक यूपीए 1 सरकार में उनके रेल मंत्री रहते हुए सामने आया था। आरोप है कि लालू यादव ने नौकरी देने के बदले लोगों से घूस के रूप में जमीन ली। ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, लालू परिवार को 7 जगहों पर जमीनें मिली हैं और उन पर 600 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। यह घोटाला रेलवे की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने इस मामले में लालू यादव के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी केस दर्ज किया है। आरोप है कि लालू ने बिना विज्ञापन के रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के लिए कई लोगों की भर्ती की और उनके बदले जमीन ली।
















































































Leave Your Message