अखिलेश यादव का आरोप ‘क्या यह इमरजेंसी है? ईद के दौरान बैरिकेडिंग को लेकर उठाए सवाल।        

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार, 31 मार्च को लखनऊ में ईदगाह में ईद की नमाज अदा की। यहां पहुंचने पर उन्होंने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोका गया था और रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह बैरिकेडिंग इसलिए की जा रही थी ताकि लोग त्योहार न मना सकें और दबाव डाला जा सके कि दूसरे धर्मों के लोग एकजुट न हों। उन्होंने इसे तानाशाही या इमरजेंसी की स्थिति करार दिया। अखिलेश ने कहा कि वह कई सालों से ईदगाह आ रहे हैं, लेकिन यह पहली बार था जब उनका काफिला रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कदम लोकतंत्र की हत्या करने की ओर इशारा करता है और क्या सरकार जानबूझकर लोगों के धार्मिक आयोजनों में दखल दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने ममता बनर्जी के बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने विपक्षी दलों को एकजुट करने की आवश्यकता की बात की थी। अखिलेश ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई विपक्षी दलों की आवाज़ को दबाने के लिए की जा रही है और लोकतंत्र में इस तरह के कदमों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

ईद-उल-फितर 2025 के अवसर पर लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था पर DCP पश्चिम, लखनऊ, विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि ईद की नमाज के दौरान सुरक्षा के पुख्ता और व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि CCTV और ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि AI तकनीक से लैस ड्रोनों का उपयोग किया जा रहा है। अखिलेश यादव के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भीड़ के कारण गाड़ियां कुछ देर के लिए रुकी हों, लेकिन बाकी जानकारी एक बार दिखा दी जाएगी। अखिलेश यादव के साथ इस दौरान यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय भी पहुंचे थे।

 

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