नवकार महामंत्र जाप में पीएम मोदी की भागीदारी, जैन धर्म के विचारों को वैश्विक मंच पर किया प्रस्तुत।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नवकार महामंत्र दिवस में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पवित्र "नवकार महामंत्र" का जाप किया। महावीर जयंती के अवसर पर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। इस पवित्र मंत्र का उद्देश्य शांति, आध्यात्मिक जागृति और सद्भाव को बढ़ावा देना है, और इस कार्यक्रम में 108 देशों के लोग शामिल हुए। नवकार महामंत्र कार्यक्रम में श्रद्धा व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी बिना जूते पहने मंच पर पहुंचे। उन्होंने मंच पर बैठने की बजाय सभी के साथ बैठकर इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में जैन धर्म के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसके मूल्य वैश्विक चुनौतियों जैसे आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से निपटने में मदद कर सकते हैं। मोदी ने 'नवकार महामंत्र' के जाप को शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक जागृति के प्रतीक के रूप में देखा और कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत 'अनेकांतवाद' की चर्चा करते हुए कहा कि यह सिद्धांत दुनिया को विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना करने की आवश्यकता को समझाता है। साथ ही, मोदी ने जीवन की पारस्परिक निर्भरता पर जोर दिया और बताया कि जैन धर्म में हिंसा पर रोक लगाने का सशक्त संदेश है, जो शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया, जिनमें जल संरक्षण, स्वच्छता, प्राकृतिक खेती, मोटे अनाजों का सेवन और खेल तथा योग को दिनचर्या में शामिल करना जैसी बातें शामिल थीं। इसके अलावा, उन्होंने देशभर में एकता का संदेश फैलाने और "भारत माता की जय" का नारा लगाने की अपील की।
















































































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