शिशु आहार में नमक से परहेज क्यों जरूरी है? जानिए सही समय और कारण। 

घर में छोटे बच्चे के आने से खुशी और उल्लास का माहौल बन जाता है, लेकिन उनकी देखभाल करना बेहद जिम्मेदारी भरा काम होता है। हर चीज — चाहे कपड़े हों, खिलौने या खानपान — सोच-समझकर चुननी पड़ती है। खासतौर पर शिशु के आहार को लेकर सतर्कता जरूरी है। बहुत से लोग यह नहीं जानते कि नवजात शिशु को जन्म के कई महीनों तक खाने में नमक नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह एक अहम जानकारी है जिसे अधिकतर लोग नजरअंदाज़ कर देते हैं, खासकर नई मांओं के लिए यह जानना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और चिकित्सा विशेषज्ञों की राय है कि जन्म के पहले 6 महीने तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे ठोस आहार (सॉलिड फूड) शुरू किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि शुरुआती डाइट में नमक और शुगर बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यह बच्चे की सेहत के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है।

बच्चों को जल्दी नमक क्यों नहीं देना चाहिए,
1. बच्चों की किडनी (kidneys) पूरी तरह विकसित नहीं होते, जिससे ज्यादा नमक उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। 
2.ब्रेन डेवेलपमेंट पर असर पड़ सकता है अगर बच्चा ज्यादा नमक शुरू से खाने लगे। 
3. जल्दी नमक खाने की आदत से बच्चा आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का शिकार हो सकता है। 

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 साल की उम्र के बाद बच्चे को थोड़ा-बहुत नमक देना शुरू किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि 1 से 3 साल के बच्चों के लिए नमक की लिमिट रोजाना 2 ग्राम यानी करीब आधा चम्मच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 

 

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