दिल्ली में सभी वाहनों के लिए अनिवार्य हुआ कलर कोडेड स्टिकर, नियम तोड़ने पर लगेगा ₹5000 तक का जुर्माना, साथ ही नहीं मिलेगा प्रदूषण सर्टिफिकेट।
दिल्ली परिवहन विभाग ने एक नया नियम जारी किया है, जिसके तहत अब वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों पर कलर कोडेड स्टिकर लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम दिल्ली मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लागू किया गया है। सरकार द्वारा जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि जो वाहन चालक यह स्टिकर नहीं लगाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने वाहन चालकों के लिए कलर कोडेड स्टिकर अनिवार्य कर दिए हैं, जो हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) योजना का हिस्सा हैं और 2019 से लागू है। ये स्टिकर वाहन की विंडशील्ड पर स्पष्ट रूप से लगे होने चाहिए और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर वाहन का फ्यूल टाइप आसानी से पहचाना जा सके। इससे विशेष रूप से उन हालातों में मदद मिलेगी जब प्रदूषण स्तर बढ़ने पर ग्रैप (GRAP) जैसे नियम लागू किए जाते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित रंगों में डीजल वाहनों के लिए ऑरेंज, पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के लिए नीला तथा अन्य फ्यूल टाइप के वाहनों के लिए ग्रे स्टिकर निर्धारित किए गए हैं। इन स्टिकरों के बिना न केवल वाहन चालक को ₹5000 तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है, बल्कि उन्हें पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया जाएगा। यह नियम मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192(1) के तहत सख्ती से लागू किया जाएगा। परिवहन विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों पर यह स्टिकर लगवाएं, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके और दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। यह कदम पर्यावरण सुरक्षा और वाहन प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुसंगठित बनाने के लिए उठाया गया है।
















































































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