तेजस्वी पर जेडीयू का हमला – “जाति जनगणना का क्रेडिट लेना बंद करें।
जाति जनगणना को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार के इस फैसले का क्रेडिट लेने में लगी हैं, और पटना में तेजस्वी यादव और आरजेडी नेताओं ने पटाखे जलाकर जश्न मनाया। इस पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने हमला करते हुए तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी राजनीति में "छुरछुरी-पटाखा" बनने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जातिगत जनगणना की शुरुआत नीतीश कुमार ने 1994 में की थी। उन्होंने तेजस्वी पर आरोप लगाया कि उनके परिवार के नाम पर पटना में 43 बीघा जमीन है, जो जाति सर्वे के बाद सामने आई। नीरज कुमार ने चेतावनी दी कि जब देश में जातिगत जनगणना होगी, तो तेजस्वी यादव और उनके परिवार की काले धन से संबंधित कलई खुल जाएगी।
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में "छुरछुरी-पटाखा" बनने के बजाय उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि जातिगत जनगणना का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है, जिनकी तर्कशक्ति के कारण आज यह प्रक्रिया शुरू हुई है। नीरज कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार और एनडीए ने बिहार में जातिगत सर्वे और केंद्र में जातिगत जनगणना का फैसला लिया, इसलिए तेजस्वी का दावा झूठा है। उन्होंने तेजस्वी से यह चुनौती भी दी कि वे अपनी राजनीति में संपत्ति संग्रहण के बारे में बोलें, क्योंकि उन्होंने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की जमीन नौकरी के नाम पर लिखवा ली और अब जातिगत जनगणना का श्रेय लेना चाहते हैं।
















































































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